काठमाण्डू, १२ वैशाखः प्रत्येक साल वैशाख शुक्ल नवमीक दिन मनाएल जाएबला राष्ट्रिय विभूति सीता उत्पत्ति दिवस एवम् नवमी आइ जानकी प्रति श्रद्धा भक्तिपूर्वक पूजा आराधना क मनाएल जा रहल अइछ।
त्रेता युगमे मिथिलाक राजा जनक जखन नम्हर यज्ञ कएने छल तखन विधिपूर्वक खेत जोतैत काल सीताक उत्पत्ति भेल रामायण सहित वैदिक दर्शनक धर्मग्रन्थ एवम् पुराणमे वर्णन कएल गेल अइछ। भगवान् विष्णुकेँ ६म अवतारक रूपमे श्रीरामक जन्म भेलाक बाद लक्ष्मी सीताक रूपमे उत्पत्ति भेलाक वर्णन विभिन्न ग्रन्थमे कएल गेल धर्मशास्त्रविद् तोयराज नेपाल राससकेँ जानकारी देलैन।
सीताकेँ सत्यवती, पतिव्रता एवम् आदर्श नारीक रूपमे सम्मान कएल जाएत अइछ। अयोध्याक राजा दशरथक पुत्र राज कुमार रामसङ विआह भेल छल। पितृ आज्ञा पालन करए लेल राम वनवास जाएत काल सङे गेल सीता रावणद्वारा हरण भेलापर सेहो पतिव्रता धर्म नै त्याग केलैन से कथा पुराणमे उल्लेख अइछ। रावण सहित राक्षसपर विजय प्राप्त क अयोध्या घुमला क बाद राजा रामकेँ लोकनिन्दासँ राजकाजमे असहज नै होए ताहि लेल सीता महारानी पदके त्याग करैत गर्भवती भेलोपर वनवास गेल छल । तँए आदर्श नारीक रूपमे स्मरण कएल जाएत अइछ।
अयोध्या त्याग कएलोपर मन, वचन आ कर्मसँ राम प्रति समर्पित रहल, लव, कुश दू पुत्रकेँ वाल्मीकि आश्रममे शिक्षा दीक्षासँ निपुण बनेलक । अयोध्यामे आएल लव, कुश रामायणके कथा एवम् सीता निर्दोष भेलोपर वनमे रहए पड़ल से करुण गीत सुनेलाक बाद प्रजाक माँगक अनुसार सीताकेँ ऋषि वाल्मीकि सहित दरबारमे बजाएल गेल छल।
दरबारमे आएल सीताक बहुत अयोध्यावासी स्वागत केलैन । तइयो किछु लोक पवित्रताक विषयमे प्रश्न उठएलाक बाद पवित्रताके प्रमाणित करबाक लेल सीताक दबाव देल गेल। तकरे प्रमाण स्वरुप सीता ‘जँ हम पवित्र छी, तँ हे धरती माता हमरा अपन कोइखमे स्थान दिअ, जँ हम श्री रामके बाहेक ककरो मनसँ चिन्तन नै कएने छी जँ ई सत्य छै तँ धरती माता हमर अपन कोइखमे स्थान दिअ’ से आह्वान क पृथ्वी भितर समाहित भ गेल वर्णन वैदिक ग्रन्थमे कएल गेल अइछ। प्रश्न उठाएबैबला प्रजा सीतासँ माफी मँगलोपर ओ धरतीक कोखमे लुप्त भ गेल प्रसङ्ग रामायण सहित धर्म ग्रन्थमे उल्लेख कएल गेल अइछ। अइ तरहेँ माइटसँ उत्पत्ति भेल सीता माटिएमे लुप्त भ गेल छलीह।
सीताक उत्पत्ति भेल स्मरणमे आजुक दिन सीता नवमी वा मैथिली दिवसके रूपमे देशभैरके रामजानकी मन्दिरमे विशेष पूजा आराधना क ई पावैन मनाएल जाइत अइछ। अइ तरहेँ जनकपुरक रामजानकी मन्दिरमे विशेष पूजा सहित मेला लागैत अइछ। सांस्कृतिक, धार्मिक एवम् प्राचीन ग्रन्थक पात्र सीताक योगदानकेँ स्मरण करैत सरकार हुनका राष्ट्रिय विभूतिक रूपमे सम्मान देल गेल अइछ। अइ अवसरमे आइ बत्तीसपुतली स्थित श्रीरामचन्द्र मन्दिर परिसरमे रहल सीताक मूर्तिमे विशेष पूजा आराधना कएल जा रहल अइछ।
श्रीरामचन्द्र मन्दिर व्यवस्थापन समिति ई साल सीता जयन्ती मनेबाक लेल सब तैयारी कएने अइछ। अइ अवसरमे नागार्जुन नगरपालिका–५ स्थित सीतापाइलाक मन्दिरमे भोर ०९ बजेसँ विशेष पूजा आराधनाक कार्यक्रम राखल गेल महेश रिमाल जानकारी देलैन।
राष्ट्रिय समाचार समिति (रासस)
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